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Saturday, August 22, 2026

ग्वार की खेती एवं प्रसंस्करण परामर्श: शुष्क खेत से वैश्विक बाजार तक

 Guar Market Linkages for Farmers, FPOs and Investors

ग्वार खेती एवं प्रसंस्करण परामर्श: शुष्क खेत से वैश्विक बाजार तक

ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba) केवल कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाई जाने वाली फसल नहीं है। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं निर्यातोन्मुख कृषि जिंस है, जो किसानों, एफपीओ, बीज व्यापारियों, प्रसंस्करण इकाइयों, पशु-आहार निर्माताओं, खाद्य कंपनियों, निर्यातकों और विभिन्न औद्योगिक उपभोक्ताओं को एक व्यापक मूल्य शृंखला से जोड़ती है।

ग्वार को अंग्रेजी में Guar तथा Cluster Bean कहा जाता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इसे ग्वार, गवार, गुआर और गुवार जैसे स्थानीय नामों से भी जाना जाता है। यह फैबेसी (Fabaceae) परिवार की दलहनी फसल है। इसकी कोमल फलियों का उपयोग सब्जी के रूप में किया जाता है, जबकि पूरी तरह पका हुआ ग्वार बीज ग्वार उद्योग का मुख्य कच्चा माल है।

ग्वार बीज के एंडोस्पर्म में गैलैक्टोमैनन पाया जाता है। इसे अलग करके ग्वार रिफाइंड स्प्लिट और ग्वार गम पाउडर बनाया जाता है। इसलिए किसी व्यावसायिक ग्वार परियोजना की सफलता केवल प्रति हेक्टेयर उत्पादन पर निर्भर नहीं करती। बीज की गुणवत्ता, गम रिकवरी, विस्कोसिटी, प्रसंस्करण ग्रेड, भंडारण, कार्यशील पूंजी, उत्पाद विनिर्देश और उपयुक्त बाजार तक पहुँच भी परियोजना की व्यवहार्यता को प्रभावित करते हैं।

भारत में ग्वार की वर्तमान स्थिति

भारत ग्वार बीज, ग्वार स्प्लिट और ग्वार गम का प्रमुख उत्पादक, प्रसंस्करणकर्ता और निर्यातक देश है। राजस्थान भारतीय ग्वार उद्योग का मुख्य केंद्र है। इसके अतिरिक्त गुजरात, हरियाणा, पंजाब तथा कुछ अन्य राज्यों में भी ग्वार की खेती की जाती है।

राजस्थान में ग्वार उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र बीकानेर, चूरू, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित पश्चिमी तथा उत्तरी जिलों में स्थित हैं। हरियाणा और गुजरात के शुष्क तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्र भी ग्वार मूल्य शृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राजस्थान सरकार के वर्ष 2025–26 के तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य में लगभग 24.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्वार बीज की खेती का अनुमान लगाया गया। अनुमानित उत्पादन लगभग 18.81 लाख टन तथा औसत उत्पादकता 758 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही।

ये आँकड़े ग्वार क्षेत्र की व्यापकता को दर्शाते हैं, लेकिन यह भी बताते हैं कि बड़े खेती क्षेत्र के बावजूद उत्पादकता प्रत्येक जिले और खेत में समान नहीं होती। वर्षा का वितरण, बुवाई का समय, किस्म, पौध संख्या, मिट्टी की स्थिति, खरपतवार प्रबंधन तथा रोग नियंत्रण उत्पादन पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

ग्वार का आर्थिक और औद्योगिक महत्व

APEDA के अनुसार भारत ने वित्तीय वर्ष 2024–25 में 4,74,519.44 मीट्रिक टन ग्वार गम का निर्यात किया, जिसका मूल्य लगभग 550.12 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। वर्ष 2025–26 के प्रमुख निर्यात बाजारों में जर्मनी, अमेरिका, रूस, नॉर्वे और चीन शामिल रहे।

ग्वार गम पानी के संपर्क में आने पर उच्च विस्कोसिटी विकसित करता है। इसी गुण के कारण इसका उपयोग कई उद्योगों में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • डेयरी उत्पाद, आइसक्रीम और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ

  • बेकरी उत्पाद, सॉस, ड्रेसिंग और पेय पदार्थ

  • ग्लूटेन-फ्री और विशेष खाद्य उत्पाद

  • औषधीय, न्यूट्रास्यूटिकल और कॉस्मेटिक उत्पाद

  • टेक्सटाइल प्रिंटिंग और पेपर उद्योग

  • खनन, विस्फोटक और निर्माण सामग्री

  • ऑयल-वेल ड्रिलिंग और हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग

  • पालतू पशु आहार और विशेष फीड उत्पाद

ग्वार बीज की सफाई और प्रसंस्करण से क्लीन ग्वार सीड, ग्वार स्प्लिट, रिफाइंड स्प्लिट, ग्वार गम पाउडर, ग्वार कोरमा और ग्वार चूरी जैसे उत्पाद प्राप्त होते हैं। उपयुक्त हीट ट्रीटमेंट, गुणवत्ता परीक्षण और संतुलित फॉर्मूलेशन के बाद ग्वार कोरमा और चूरी का उपयोग पशु-आहार सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

ग्वार की खेती एवं प्रसंस्करण परामर्श: शुष्क खेत से वैश्विक बाजार तक


वैज्ञानिक और व्यावसायिक ग्वार खेती

ग्वार गर्म और अपेक्षाकृत शुष्क जलवायु की फसल है। इसकी खेती अच्छी जल निकासी वाली बलुई, बलुई-दोमट और दोमट मिट्टी में की जा सकती है। यह गर्मी और सीमित नमी को कई अन्य फसलों की तुलना में बेहतर सहन कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक खेत में जलभराव फसल के लिए हानिकारक होता है।

व्यावसायिक खेती शुरू करने से पहले पिछले वर्षों की वर्षा, सिंचाई की उपलब्धता, पानी की गुणवत्ता, मिट्टी की गहराई, पीएच, जल निकासी, पिछली फसल, रोग इतिहास और निकटतम मंडी या प्रसंस्करण इकाई का आकलन किया जाना चाहिए।

मानसून आधारित ग्वार की बुवाई सामान्यतः जून या जुलाई में प्रभावी वर्षा के बाद की जाती है। किस्म का चयन केवल अधिक उत्पादन के दावे पर नहीं होना चाहिए। फसल अवधि, क्षेत्रीय अनुकूलता, रोग सहनशीलता, बीज उत्पादन, गम गुणवत्ता और संभावित खरीदार की आवश्यकता को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

बीज उत्पादन के लिए लगभग 12–15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज दर तथा 30–45 सेंटीमीटर पंक्ति दूरी को प्रारंभिक संदर्भ के रूप में लिया जा सकता है। वास्तविक सिफारिश किस्म, अंकुरण प्रतिशत, मिट्टी, वर्षा और बुवाई की मशीन के अनुसार तय की जानी चाहिए।

अच्छी फसल स्थापना के लिए प्रमाणित अथवा गुणवत्ता-परीक्षित बीज, उपयुक्त बीजोपचार, अनुशंसित राइजोबियम कल्चर, मिट्टी-परीक्षण आधारित पोषण तथा उचित पौध संख्या महत्वपूर्ण हैं। फसल के शुरुआती 30–40 दिन खरपतवार नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

ग्वार में जड़ गलन, विल्ट, बैक्टीरियल ब्लाइट, अल्टरनेरिया ब्लाइट और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोग दिखाई दे सकते हैं। माहू, जैसिड, सफेद मक्खी और फली खाने वाले कीट भी उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं। समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन में स्वच्छ बीज, उपयुक्त किस्म, फसल चक्र, खेत की नियमित निगरानी, जैविक उपाय और आवश्यकता-आधारित पंजीकृत कृषि-रसायनों का उपयोग शामिल होना चाहिए।

जब अधिकांश फलियाँ सूखकर भूरी हो जाएँ और बीज कठोर हो जाए, तब फसल कटाई के लिए तैयार मानी जाती है। कटाई के बाद उचित सुखाई, थ्रेसिंग, सफाई, ग्रेडिंग और नियंत्रित नमी में भंडारण से बीज की प्रसंस्करण गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है।

ग्वार प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन

व्यावसायिक ग्वार प्रसंस्करण में कच्चे माल की खरीद, सफाई, ग्रेडिंग, कंडीशनिंग, डीहस्किंग, स्प्लिट निर्माण, जर्म और एंडोस्पर्म पृथक्करण, ग्राइंडिंग, छलनीकरण, ब्लेंडिंग, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग जैसे चरण शामिल होते हैं।

प्रसंस्करण इकाई की क्षमता केवल उपलब्ध मशीनरी के आधार पर निर्धारित नहीं की जानी चाहिए। प्रस्तावित क्षेत्र में ग्वार बीज की उपलब्धता, खरीद अवधि, कार्यशील पूंजी, प्लांट उपयोग क्षमता, ऊर्जा आवश्यकता, उत्पाद मिश्रण और संभावित ग्राहक पहले से निर्धारित होने चाहिए।

फूड-ग्रेड, फार्मास्यूटिकल-ग्रेड, टेक्सटाइल-ग्रेड और ऑयलफील्ड-ग्रेड ग्वार गम की तकनीकी आवश्यकताएँ अलग हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक परियोजना के लिए उत्पाद बाजार और गुणवत्ता मानक स्पष्ट करना जरूरी है।

बाजार संभावना और व्यावसायिक जोखिम

ग्वार बाजार में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। मानसून, बुवाई क्षेत्र, फसल उत्पादन, मंडी आवक, पुराने स्टॉक, निर्यात ऑर्डर, कच्चे तेल की कीमत, ड्रिलिंग गतिविधि, मुद्रा विनिमय दर, मालभाड़ा और वायदा बाजार भाव को प्रभावित कर सकते हैं।

21 अगस्त 2026 को NCDEX द्वारा जोधपुर में ग्वार गम का स्पॉट संदर्भ मूल्य ₹12,050 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था। यह केवल उस दिन का बाजार संकेत था। इसे भविष्य की निश्चित कीमत अथवा निवेश प्रतिफल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

किसी भी ग्वार खेती या प्रसंस्करण परियोजना का वित्तीय मूल्यांकन निम्न, सामान्य और अनुकूल मूल्य परिस्थितियों में किया जाना चाहिए। केवल उच्च बाजार भाव के आधार पर बनाई गई परियोजना रिपोर्ट वास्तविक जोखिम को छिपा सकती है।

एफपीओ आधारित क्लस्टर उत्पादन, अनुबंध खेती, प्रोसेसर से सीधी खरीद और निर्यातोन्मुख आपूर्ति शृंखला में संभावनाएँ हैं। लेकिन इनके लिए लिखित गुणवत्ता मानक, पारदर्शी वजन एवं परीक्षण व्यवस्था, मूल्य निर्धारण प्रक्रिया, भुगतान शर्तें और उत्पाद अस्वीकृति की स्पष्ट व्यवस्था आवश्यक है।

Agrotech Agribusiness Consultancy की सेवाएँ

Agrotech Agribusiness Consultancy ग्वार मूल्य शृंखला में निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान कर सकती है:

  • स्थान, मिट्टी, पानी और कृषि-जलवायु उपयुक्तता का आकलन

  • ग्वार खेती की व्यवहार्यता रिपोर्ट एवं DPR

  • व्यावसायिक फार्म लेआउट और फसल कैलेंडर

  • किस्म चयन एवं बीज आवश्यकता की योजना

  • खेती लागत, उत्पादन और राजस्व परिदृश्य

  • वैज्ञानिक फसल प्रबंधन एवं तकनीकी मार्गदर्शन

  • कटाई, सफाई, ग्रेडिंग और भंडारण योजना

  • एफपीओ, क्लस्टर और एकत्रीकरण मॉडल

  • ग्वार प्रसंस्करण इकाई की व्यवहार्यता

  • प्लांट क्षमता, मशीनरी और उत्पाद मिश्रण का आकलन

  • ग्वार गम, स्प्लिट, कोरमा और चूरी बाजार अध्ययन

  • घरेलू खरीदार, प्रोसेसर और निर्यात बाजार अनुसंधान

  • आपूर्ति शृंखला एवं बाजार संपर्क विकास

Agrotech का उद्देश्य खेती की योजना को प्रसंस्करण मानकों, निवेश क्षमता और वास्तविक बाजार आवश्यकताओं के साथ जोड़ना है। परामर्श परियोजना के स्थान, भूमि, उपलब्ध संसाधनों, निवेश, प्रस्तावित उत्पाद और लक्षित बाजार के अनुसार तैयार किया जाता है।

Agrotech किसी निश्चित उत्पादन, बाजार भाव, खरीदार, अनुबंध, निर्यात, लाभ या परियोजना सफलता की गारंटी नहीं देता। परामर्श का उद्देश्य बेहतर जानकारी के आधार पर निर्णय लेने और टाले जा सकने वाले तकनीकी, वित्तीय तथा बाजार जोखिमों को कम करने में सहायता करना है।

ग्वार परियोजना कैसे शुरू करें?

प्रारंभिक परामर्श के लिए प्रस्तावित परियोजना स्थान, भूमि क्षेत्र, मिट्टी एवं पानी की जानकारी, उपलब्ध आधारभूत संरचना, निवेश क्षमता, परियोजना का आकार और लक्षित बाजार साझा करें।

प्रारंभिक चर्चा के बाद साइट असेसमेंट, व्यवहार्यता अध्ययन, DPR, व्यावसायिक खेती योजना, प्रसंस्करण अध्ययन अथवा बाजार संपर्क परामर्श का उपयुक्त स्वरूप निर्धारित किया जा सकता है।

ग्वार खेती, बीज एकत्रीकरण या प्रसंस्करण में बड़ा निवेश करने से पहले पेशेवर व्यवहार्यता आकलन तकनीकी कमियों, क्षमता जोखिम, कार्यशील पूंजी की आवश्यकता और बाजार प्रवेश संबंधी बाधाओं की पहचान करने में सहायक हो सकता है।

Agrotech Agribusiness Consultancy
मोबाइल: +91-9509888669
अतिरिक्त संसाधन: www.guargumcultivation.com

Tuesday, January 30, 2024

ग्वार बीज और ग्वार गम की कीमतों में निरंतर गिरावट

पिछले दो दिनों से, भविष्य के कमोडिटी बाजार में ग्वार बीज और ग्वार गम की कीमतों में निरंतर गिरावट हो रही है। सोमवार को ग्वार बीज और ग्वार गम कीमतों में एक महत्वपूर्ण पतन देखा गया, जिससे बाजार को निचले सर्किट के साथ बंद कर दिया गया। आने वाले सप्ताह में केंद्र सरकार द्वारा संसद में एक नए बजट का प्रस्तुतीकरण होगा। इस नए बजट की घोषणा से पहले, ग्वार बीज और ग्वार गम कीमतें उच्च स्तरों पर लाभ बुकिंग के दबाव में हैं।

बेकर ह्यूज द्वारा जारी किए गए तेल रिग गिनती डेटा का खुलासा करता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में सक्रिय रिग में गिरावट का प्रमाण है। वर्तमान में, संयुक्त राज्य अमेरिका में 621 सक्रिय तेल रिग हैं, जिसमें पिछले वर्ष की गिनती की तुलना में 150 रिग कम हैं। ग्वार गम की मांग मुख्यतः तेल और प्राकृतिक गैस उद्योग से होती है, और सक्रिय तेल रिग की गिनती मांग के प्रवृत्तियों का महत्वपूर्ण सूचक है। सामान्यत: एनसीडीएक्स ग्वार बीज और ग्वार गम कीमतों के लिए मूल्य खोज उपकरण के रूप में कार्य करता है।

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ग्वार गम कीमतें उच्च स्तरों पर लाभ बुकिंग के कारण रुपए 10,000 के स्तर से नीचे गिर गई हैं। आगामी 8-9 महीने तक आगमन नहीं होने तक आपूर्ति संबंधित रहेगी। मूल्य चलन केवल उत्पाद की मांग पर निर्भर करेगा, जिसमें ग्वार गम पाउडर और ग्वार मील (चूरी कोरमा) पर ध्यान केंद्रित हैं। अन्य पशु चारा उत्पादों या ग्वार गम के उपस्थिति में किसी भी परिवर्तन के साथ-साथ मूल्य में परिवर्तन हो सकता है।

भविष्य बाजार कीमतों पर दबाव अब स्थानीय भौतिक बाजार में प्रभाव डाल रहा है, जिससे बिक्री दबाव हो रहा है। उपलब्ध स्टॉक के लिए खरीददार न्यूनतम मूल्य दे रहे हैं, और वर्तमान मूल्य स्तरों पर कम व्यापार हो रहा है। वर्तमान मूल्य कमी का परिणाम स्थानीय बाजारों में है, जिससे बाजार को लाभ की संभावना के साथ उत्तरदाता दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

ग्वार गम के अनुप्रयोग में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है, जैसा कि नेस्ले द्वारा एक ग्वार गम-आधारित स्वास्थ्य पूरक उत्पाद 'नेस्ले रिसोर्स फाइबर चॉइस' के हाल ही के लॉन्च से प्रतिस्थापित हो रहा है। इस उत्पाद में आंशिक हाइड्रोलाइज्ड ग्वार गम का उपयोग किया जाता है, और इसमें 98% ग्वार गम है। नेस्ले द्वारा दावा किया जाता है कि यह उत्तम गट हेल्थ के लिए उपयुक्त है।

स्थानीय भौतिक बाजारों में, ग्वार बीज और ग्वार गम कीमतें एनसीडीएक्स जैसे कमोडिटी एक्सचेंज कीमतों से कमजोर हैं। ग्वार बीज और ग्वार गम के भविष्य व्यापार की अभिगमन से उम्मीद है कि यह उच्च स्तरों पर दबाव के प्रभाव में रहेगा। उच्च गुणवत्ता वाले ग्वार बीज कीमत हैं 5200 रुपए/100 किलोग्राम और औसत गुणवत्ता वाले ग्वार बीज कीमत है 4900 रुपए/100 किलोग्राम। मानक गुणवत्ता वाले ग्वार गम कीमत है 9900 रुपए/100 किलोग्राम। आंतरिक स्थानों में, ग्वार बीज 4800 रुपए/100 किलोग्राम तक व्यापार हो रहा है। एनसीडीएक्स पर, ग्वार बीज-10मीट्रिक टन फरवरी अनुबंध के लिए 5304 रुपए पर स्थिर है।

इसी तरह, ग्वार गम भविष्य बाजार में कमजोरी महसूस कर रहा है, जिसमें ग्वार गम-5मीट्रिक टन फरवरी और मार्च महीने के लिए 9968 और 10115 रुपए पर व्यापार हो रहा है, जिसमें 1.39% (140 रुपए/100 किलोग्राम) और 1.33% (136 रुपए/100 किलोग्राम) की कमी है, और खुले रुचि 35955 और 21950 हैं फरवरी और मार्च महीने के अनुबंधों के लिए, क्रमश:।

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Monday, August 26, 2019

ग्वार की बीजाई निर्धारित लक्ष्य के 89% क्षेत्र में पूरी हुई l

अगस्त के महीने में ग्वार उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है l विशेष रूप से बारानी ग्वार उत्पादन क्षेत्र में आवश्यकता अनुरूप बारिश हुयी है l इसके साथ ही ग्वार की बीजाई के क्षेत्रफल में भी बढ़ोतरी हुई है l ग्वार की बीजाई के उपलब्ध ताज़ा आंकड़ों के अनुसार ग्वार की बीजाई 27,56,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पूरी हो गयी है, जो की राजस्थान सरकार के द्वार निर्धारित ग्वार की बीजाई के लक्ष्य का 89 % है, इस वर्ष राजस्थान सरकार ने ग्वार की बीजाई का लक्ष्य 31,00,000 हेक्टेयर रखा है l अनुमान है की अगस्त के आखिर तक ग्वार की बीजाई का लक्ष्य पूरा हो जाएगा l 


अगस्त के महीने में मिटटी व वातावरण में पूरी नमी है l ग्वार की वृद्धि व विकास के लिए यह एक उपयुक्त परिस्थिति है l अगर सितम्बर के महीने में परिस्थिति में बदलाव नहीं होता है तो ग्वार की अच्छी फसल होने की उम्मीद है l बादलों से भरा मौषम लम्बे समय तक रहने कीट व बीमारी फ़ैलने से अनुकूल परिस्थिति बन जाती है l ग्वार उत्पादन क्षेत्र में अभी कीट बिमारी का प्रकोप सामने नहीं आया है l अभी तो फसल का शुरुवाती समय है l 15-20 दिन के अंतराल के बाद दुसरे दौर की बारिश फसल के अच्छे विकास के लिए बहुत जरूरी है l

ग्वार की बीजाई निर्धारित लक्ष्य के 89% क्षेत्र में पूरी हुई l   Guar crop sowing has completed on 89% of target guar sowing area,  Guar, guar gum, guar price, guar gum price, guar demand, guar gum demand, guar seed production, guar seed stock, guar seed consumption, guar gum cultivation, guar gum cultivation in india, Guar gum farming, guar gum export from india , guar seed export, guar gum export, guar gum farming, guar gum cultivation consultancy, today guar price, today guar gum price, ग्वार, ग्वार गम, ग्वार मांग, ग्वार गम निर्यात 2018-2019, ग्वार गम निर्यात -2019, ग्वार उत्पादन, ग्वार कीमत, ग्वार गम मांग, Guar Gum, Guar seed, guar , guar gum, guar gum export from india, guar gum export to USA, guar demand USA, guar future price, guar future demand, guar production 2019, guar gum demand 2019, guar, guar gum, cluster beans, guar gum powder, guar gum price, guar gum uses, ncdex guar, guar price, guar gum price today, cyamopsis tetragonoloba, ncdex guar gum price, guar beans, guar rate today
ग्वार की बीजाई निर्धारित लक्ष्य के 89% क्षेत्र में पूरी हुई l
कच्चे तील की कीमतें, अमेरिका व चीन के बीच जारी व्यापारिक गतिरोध के फस गयी है l चीन ने अमेरिका से आयातित तेल पर 5% अतिरिक्त टैक्स ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया है l इंधन के उत्पादन के सिवाय कच्चे तेल से रसायन, प्लास्टिक, रबर, सिंथेटिक रेशे तथा ओर भी दुसरे पदार्थो का उत्पादन होता हैl वैश्विक अर्थव्यवस्थता के लिए कच्चा तेल बहुत उपयोगी है l रुकी तथा गिरती हुयी तेल की कीमते वैश्विक राजनीती में तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्थता में मंदी तथा बाज़ार में कच्चे तेल की उपलब्धता में बढ़ोतरी का संकेत है l 

तेल व प्राकृत गैस का उत्पादन उद्योग भारतीय ग्वार गम का मुख्य उपभोक्ता है l अमेरिका में हलके कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ रह है l अमेरिका में हलके कच्चे तेल के उत्पादन में ग्वार फ्रेकिंग तकनीक में काम आता है l अमेरिका अपनी आयल रिफायनरी के भारी तेल का आयात करता हैl कच्चे तेल के अलावा पशु आहार उद्योग ग्वार उपत्पाद पशु प्रोटीन का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है l अमेरिका में तेल की खुदाई की आयल रिग की संख्या में गिरावट आरही है l अमेरिका में अभी 916 आयल रिग सक्रीय है जो की पिछले वर्ष से 128 कम है l 



मौजूद बाज़ार की परिस्थिति के अनुसार ग्वार की कीमते 5000 से ऊपर सपोर्ट नहीं कर रही हैl ग्वार की अच्छी फसल की उम्मीद व ग्वार गम की कम निर्यात मांग, ग्वार के भावों को 5000 से ऊपर नहीं जाने देगाl जारी वित वर्ष(2019-2020) के पहेल क्वार्टर (अप्रैल से जून ) में 1,27,700 MT ग्वार उत्पादों का निर्यात हुआ है l पिछले वर्ष (2018-2019) इसी समय के दौरान पहेल क्वार्टर (अप्रैल से जून ) में 1,35,210 MT ग्वार उत्पादों का निर्यात हुआ है l 

इस सप्ताह NCDEX पर ग्वार के भाव 20 सितम्बर के सौदे के लिए 4305 रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 30th अगस्त के सौदे के लिए ग्वार के भाव 4206 रूपए प्रति क्विंटल, NCDEX पर स्पॉट के भाव 4250 रूपए प्रति क्विटल l इसी तरह NCDEX पर ग्वार गम के भाव 20 सितम्बर के सौदे के लिए 8405 रूपए प्रति क्विंटल, तथा NCDEX पर ग्वार गम के स्पॉट के भाव 8369 रूपए प्रति क्विटल के आस पास चल रहे है l स्थानीय अनाज मंडियों में ग्वार के भाव 4300 रूपए प्रति क्विटल व ग्वार गम के भाव 8500 रूपए प्रति क्विंटल के आस पास चल रहे है l 

सुस्त व्यापारिक गतिविधि व निर्यात की कम मांग के कारण ग्वार की कीमते थोड़ी कमजोर है l ग्वार के खरीददार नए ग्वार को खरीदने का का मन बना कर चल रहे है जिससे हाज़िर की मांग बाजारों में अभी कमजोर चल रही है l नया ग्वार आने में अभी 2 महीने का ही समय बचा हैl ताज़ा ग्वार के दानों में नमी अच्छी होती है जिससे उसे प्रोसेस करना आसान होता है l नए ग्वार में ग्वार गम की रिकवरी पुराने ग्वार की बजाये अच्छी बैठती है

Please read this article in English 

Guar crop sowing has completed on 89% of target guar sowing area

https://www.guargumcultivation.com/2019/08/Guar-crop-sowing-has-completed-2019-2020.html

Saturday, August 17, 2019

ग्वार उत्पादों के निर्यात में 5.5 % की कमी

नए वितीय वर्ष के पहले क्वार्टर में ग्वार उत्पादों के निर्यात में 5.5 % की गिरावट दर्ज की गयी है l अप्रैल 2019 से जून 2019 के बीच इस वर्ष ग्वार उत्पादों का निर्यात 1,27,700 MT रहा है l पिछले वर्ष इसी समय के दौरान अप्रैल 2018 से जून 2018 के बीच ग्वार उत्पादों का निर्यात 1,35,210 MT था l साधारणतय वितीय वर्ष के पहले क्वार्टर में ग्वार का निर्यात कम ही रहता है l निर्यात के नए सौदे नए वितीय वर्ष के पहले क्वार्टर के बाद होंगे l देखा जाये तो पिछले 4-5 सालो से ग्वार का निर्यात बढ़ रहा है l 



ग्वार उत्पादन क्षेत्र में सावन के महीने में अच्छी बारिश का समाचार है l सिंचित क्षेत्र के ज्यादातर ग्वार उत्पादन क्षेत्र में बारिश अच्छी तरह हो गयी है l बरानी क्षेत्र के जोधपुर, जैसलमेर, नागौर, जालोर, सिरोही, तथा बीकानेर में सामान्य से कम बारिश हुयी है l अब अगर बारिश होती है तो बीजाई के लिए बहुत लेट हो जाएगी l राजस्थान सरकार के जारी आंकड़ो के अनुसार ग्वार की बिजाई निर्धारित लक्ष्य के 78.2% क्षेत्र पर पूरी हो गयी है l इस वर्ष सरकार ने ग्वार की बीजाई का लक्ष्य 31,00,000 हेक्टेयर पर रखा है l 8अगस्त,2019 तक जारी आंकड़ो के अनुसार ग्वार की बीजाई 24,24,200 हेक्टेयर पर पूरी हो गयी है l पिछले वर्ष इसी समय तक ग्वार की बीजाई 28,06,000 क्षेत्र पर पूरी हो गयी थी l 

ग्वार उत्पादों के निर्यात में 5.5 % की कमी , Guar sowing area has decreased by 40% in comparison to previous year. ,  Guar, guar gum, guar price, guar gum price, guar demand, guar gum demand, guar seed production, guar seed stock, guar seed consumption, guar gum cultivation, guar gum cultivation in india, Guar gum farming, guar gum export from india , guar seed export, guar gum export, guar gum farming, guar gum cultivation consultancy, today guar price, today guar gum price, ग्वार, ग्वार गम, ग्वार मांग, ग्वार गम निर्यात 2018-2019, ग्वार गम निर्यात -2019, ग्वार उत्पादन, ग्वार कीमत, ग्वार गम मांग, Guar Gum, Guar seed, guar , guar gum, guar gum export from india, guar gum export to USA, guar demand USA, guar future price, guar future demand, guar production 2019, guar gum demand 2019, guar, guar gum, cluster beans, guar gum powder, guar gum price, guar gum uses, ncdex guar, guar price, guar gum price today, cyamopsis tetragonoloba, ncdex guar gum price, guar beans, guar rate today

अमेरिका में पिछले वर्ष के मुकाबले 123 आयल रिग घट गयी है l बेकर हुज के द्वार जारी आयल रिग की गणना के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में अभी 934 आयल रिग सक्रिय है l पिछले सप्ताह के मुकाबले अमेरिका में 8 रिग की गिरावट दर्ज की गयी है l आयल रिग की संख्या में गिरावट से ग्वार गम की मांग में कमी आने की सम्भावना है l अमेरिका व कनाडा दोनों जगह आयल रिग की संख्या में गिरावट दर्ज की गयी है l लेकिन अन्तराष्ट्रीय स्तर पर आयल रिग की संख्या में बढ़ोतरी हुयी है l 



ग्वार की कीमतो में पिछले सप्ताह कम बारिश व कम उत्पादन के अनुमान के कारण तेज़ी दर्ज की गयी थी l भविष्य में ग्वार की कीमते ग्वार के उत्पादन व कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी l अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमते, अमेरिका में तेल का स्टॉक बढ़ने के कारण तथा वैश्विक अशांति के कारण दबाब में है l अमेरिका व चीन के बीच व्यापारिक गतिरोध बढ़ रहा है l दोनों देशों के बीच नये नये मुद्दों पर व्यापारिक गतिरोध सामने आ रहा है l कच्चे तेल की कीमते वैश्विक राजनीति व व्यापारिक मनमुटाव के प्रति बहुत संवेदनशील होती है l 

इस सप्ताह NCDEX पर ग्वार के भाव 20 अगस्त के सौदे के लिए 4317 रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 30th अगस्त के सौदे के लिए ग्वार के भाव 4374 रूपए प्रति क्विंटल, NCDEX पर स्पॉट के भाव 4361 रूपए प्रति क्विटल l इसी तरह NCDEX पर ग्वार गम के भाव 20 अगस्त के सौदे के लिए 8639 रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 30th अगस्त के सौदे के लिए ग्वार गम के भाव 8781 रूपए प्रति क्विंटल तथा NCDEX पर ग्वार गम के स्पॉट के भाव 8715 रूपए प्रति क्विटल के आस पास चल रहे है l स्थानीय अनाज मंडियों में ग्वार के भाव 4400 रूपए प्रति क्विटल व ग्वार गम के भाव 9000 रूपए प्रति क्विंटल के आस पास चल रहे है l

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Export of guar products has declined by 5.5%.

https://www.guargumcultivation.com/2019/08/export-of-guar-gum-products-has-declined.html

Sunday, July 21, 2019

ग्वार की बीजाई पिछले वर्ष के मुकाबले 40% पिछड़ी l

कृषि विभाग, राजस्थान सरकार ने 18 अप्रैल 2019 तक खरीफ की बीजाई के आंकड़े जारी कर दिए है l प्राप्त आंकड़ो के अनुसार ग्वार की बीजाई 8,65,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पूरी हो गई है जो की ग्वार की बीजाई के लक्ष्य का 27.9 % है l पिछले वर्ष इसी समय तक ग्वार की बीजाई 14,55,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पूरी हो गयी थी l पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष ग्वार की बीजाई में 40% की गिरावट दर्ज की गयी है l राजस्थान ग्वार का मुख्य उत्पाक राज्य है l अगर ग्वार की बीजाई का क्षेत्रफल राजस्थान में गिरता है तो इस वर्ष ग्वार के उत्पादन अवश्य कमी होगी l इस वर्ष राजस्थान में कृषि विभाग ने ग्वार की बीजाई का लक्ष्य रखा 31,00,000 हेक्टेयर रखा है l



ग्वार उत्पादन क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा अभी सुखा ही है l कुछ हिस्सों को छोड़ दे तो ज्यादातर क्षेत्र में बारिश की कमी है l ग्वार की नयी बीजाई के लिए अभी जमीन में पूरी नमी नहीं है l पहले से लगी हुयी ग्वार की फसल नमी की कमी के कारण सुख रही है l अन्तराष्ट्रीय मौषम एजेंसीयों ने मार्च अप्रैल के महीने में ही अलनीनो के प्रभाव के कारण कम बारीश का पूर्वानुमान जारी कर दिया था l लेकिन मई-जून महीने के आखिर में स्थानीय मौषम एजेंसीयों ने सामान्य मानसून रहने की घोषणा करदी थी l बारिश की स्थिति पुरे भारत में ख़राब है l इस वर्ष वर्षा आधारित फसलों के बीजाई क्षेत्र में कमी दर्ज की गयी है l

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भारतीय कैलंडर विक्रिमी सम्वंत के अनुसार श्रावण के महीने की शुरूवात पिछले सप्ताह में हुई है l श्रावण व भाद्रपद महीने भारतीय कैलंडर में बारिश के महीने के रूप में जाने जाते है l आशा है की इन दो महिने में बारिश की स्थिति में सुधार होगा l सिंचित क्षेत्रो में बीजाई कुए के पानी या सिंचाई के दुसरे साधन से की जा सकती है l लेकिन बरानी क्षेत्र में बीजाई व बाद की बढवार के लिए उचित बारिश होना बहुत जरुरी है l



ग्वार की मांग तेल की खुदाई की रिग की संख्या में गिरावट के कारण कम हो सकती है l तेल की खुदाई की सक्रिय रिग काउंट के बैकर-हूज केआंकड़ों के अनुसार अभी अमेरिका में 954 तेल की रिग सक्रिय है जो की पिछले वर्ष के मुकाबले 92 कम है l तेल का स्टॉक अमेरिका में अभी बढ़ गया है l इंग्लैंड व इरान के द्वारा एक दुसरे एक व्यापारिक जहाज को पकड़ने के कारण पश्चिमी देशों व इरान में गतिरोद्ध बढ़ गया हैl अगर ये गतिरोध फैलता है तो ये युद्ध में बदल सकता है l जिससे की तेल की कीमतों में तेज़ी आ सकती है तथा अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में ग्वार गम की मांग में वृद्धि हो सकती है l युद्ध की स्थिति में कच्चे तेल के परिवहन व आवक में कठिनाई आ सकती है l 

पिछले सप्ताह ग्वार गम की कमजोर निर्यात मांग व सुस्त व्यापार के कारण ग्वार की कीमतों में कमी देखी गयी l यद्धपि ग्वार का निर्यात बढ़ रह है लेकिन बाज़ार, ग्वार को कच्चे तेल से जोड़ कर देख रहा है l तेल की कीमतें वैश्विक राजनीति में उलझ गयी है इसलिए बाज़ार के जानकर ग्वार गम के भविष्य को उलझा हुआ ही मान कर चल रहे है l ग्वार की मांग तेल उत्पादन के अलावा अन्य उद्योगों से भी बढ़ रही है जिससे भविष्य में ग्वार गम की मांग में लगातार बढ़ोतरी होती रहेगी l



इस सप्ताह NCDEX पर ग्वार के भाव 20 अगस्त के सौदे के लिए 4302 रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 31th जुलाई के सौदे के लिए ग्वार के भाव 4304 रूपए प्रति क्विंटल, NCDEX पर स्पॉट के भाव 4350 रूपए प्रति क्विटल l इसी तरह NCDEX पर ग्वार गम के भाव 19th जुलाई के सौदे के लिए 8682 रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 31th जुलाई के सौदे के लिए ग्वार गम के भाव 8781 रूपए प्रति क्विंटल तथा NCDEX पर ग्वार गम के स्पॉट के भाव 8831 रूपए प्रति क्विटल के आस पास चल रहे है l स्थानीय मंडियों में ग्वार के भाव 4400 रूपए प्रति क्विटल व ग्वार गम के भाव 9000 रूपए प्रति क्विंटल के आस पास चल रहे है l

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Tuesday, July 16, 2019

ग्वार के उत्पादों के निर्यात पिछले चार सालों 57.78 % की वृद्धि l

एपेडा द्वार जारी आंकड़ों के अनुसार ग्वार का निर्यात पिछले चार सालों से लगातार बढ़ रहा है l वर्ष 2015-16 में ग्वार के उत्पादों का निर्यात 3,25,249 MT था जो की वर्ष 2018-19 तक 57.78 % बढ़ कर के 5,13,210 MT हो गया l ग्वार गम का निर्यात वर्ष 2015-16 में 2,56,676 MT था जो कि वर्ष 2018-19 तक 41.38 % बढ़ कर के 3,62,900 MT हो गया l ग्वार कोरमा का निर्यात वर्ष 2015-16 में 68,573 MT था जो कि वर्ष में 2018-19 तक 119.19% बढ़ कर के 1,50,310 MT हो गया l ग्वार गम स्प्लिट का निर्यात वर्ष 2015-16 में 45,667 MT था जो कि वर्ष 2018-19 तक 85.75% बढ़ कर के 84,828 MT हो गया l 

ग्वार उत्पादन क्षेत्रों में बारिश बहुत ही कमजोर है l जमीन में नमी सुखने के कारण बरानी क्षेत्र की ग्वार की फसल बर्बाद हो रही है l गर्म व शुष्क हवाएं जमीन को जल्दी जल्दी सुखा रही है l चुरू, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर तथा बाडमेर में अभी तक बीजाई लायक बर्ष नही हुई है l बारिश पहले से जारी किये अनुमान से भी ज्यादा लेट व कमजोर हो रही है l अगर अगले सप्ताह में बारिश होती भी है तो किसान पहले बाजारा व खरीफ की दालों की खेती को प्रथमिकता देगा उसके बाद किसान ग्वार की खेती करेंगे l इस बात के पक्के संकेत मिल रहे है की ग्वार की खेती पिछले वर्ष की तुलना में घटेगी l राजस्थान सरकार द्वार जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार ग्वार की बीजाई 6,27,900 हेक्टेयर क्षेत्र में पूरी होगई है जो की बीजाई के लक्ष्य का 21% है l 


ग्वार के उत्पादों का निर्यात बढ़ना पूरे ग्वार उद्योग के लिए एक अच्छा संकेत है ग्वार की मुख्य मांग तेल व प्राकृत गैस उद्योग से आती है l लेकिन अब ग्वार की मांग खाद्य व अन्य उद्योगों से भी बढ़ रही है l भारतीय ग्वार गम की कम्पनीयां आगे बढ़ कर, यूरोप व अन्य पश्चिमी देशों में पहले से उपस्थित किसी अंतराष्ट्रीय ग्वार व्यापार कंपनी की सहायता के बिना अपना व्यापार करना शुरू कर दिया है l जैसे ही ग्वार के व्यापार की निर्भरता यूरोप व अन्य पश्चिमी देशों के बड़े व्यापारिक खिलाड़ियों के हाथ से बाहर आ जायेगी तो भारतीय ग्वार गम उद्योग स्वतंत्र रूप से अपने पैरों पर खड़ा हो जायेगा l 

भारतीय ग्वार कंपनी के साथ काम करने वाले ग्वार उद्योग के विदेशी खिलाडी, भारतीय साझेदारों की भूमिका को केवल ग्वार की खरीददारी, ग्वारगम का प्रोडक्शन व उसके निर्यात तक ही सिमित रखती है l भारतीय ग्वार उद्योग का बड़ा मुनाफा ये बड़े अंतराष्ट्रीय खिलाडी खा जाते है l ये बड़े अंतराष्ट्रीय खिलाडी भारत मने NGO के नाम पर सामजिक विकास के प्रोजेक्ट चलाते है ताकि भारतीय साझेदारों की खरीददारी, प्रोडक्शन व निर्यात सम्बन्धी गतिविधियों पर नजर रख सके l इस तरह के CSR प्रोजेक्ट को चलाने का मुख्य उदेश्य उत्पादन, भाव, मौषम व प्रोडक्शन के जमीन स्तर के आंकड़े इकठ्ठा करना होता है l 

किसान व व्यापारी अपने पास रखे स्टॉक को अभी रोक सकते हैl अगर बाज़ार की सभी प्रस्थितियां सहायक रहती है तो अगले २-३ सप्ताह में ग्वार के भाव तेज़ी से ऊपर की तरफ जा सकते है l वर्तमान में जारी ग्वार के भाव स्तर, अच्छे उत्पादन की स्थिति में भी इस वर्ष के ग्वार के भावों का निचला स्तर बना रहेगा l किसी भी तरह की हरे चारे की कमीं की परिस्थिति में ग्वार चुरी कोरमा की मांग बढ़ जाएगी l ग्वार चुरी कोरमा ग्वार की कीमतों को गिराने से रोकने वाला या निचे के स्तर पर स्थिरता देने वाले प्रमुख ग्वार उत्पाद के रूप में उभरा हैl आने वाले वर्षों में पशु आहार उद्द्योग ग्वार की मांग को उत्पन करने वाले प्रमुख उद्योग के रूप में उभरेगा 

इस सप्ताह NCDEX पर ग्वार के भाव 19 जुलाई के सौदे के लिए 4343रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 31th जुलाई अप्रेल के सौदे के लिए ग्वार के भाव 4318 रूपए प्रति क्विंटल, NCDEX पर स्पॉट के भाव 4420 रूपए प्रति क्विटल l इसी तरह NCDEX पर ग्वार गम के भाव 19th जुलाई के सौदे के लिए 8880 रूपए प्रति क्विंटल, BSE पर 31th जुलाई अप्रेल के सौदे के लिए ग्वार गम के भाव 9025 रूपए प्रति क्विंटल तथा NCDEX पर ग्वार गम के स्पॉट के भाव 8993 रूपए प्रति क्विटल के आस पास चल रहे है l स्थानीय मंडियों में ग्वार के भाव 4400 रूपए प्रति क्विटल व ग्वार गम के भाव 9000 रूपए प्रति क्विंटल के आस पास चल रहे है

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Monday, July 8, 2019

ग्वार की बीजाई में भारी गिरावट होने से 2019-2020 में ग्वार के भाव बढ़ेंगे

ग्वार की बीजाई में भारी गिरावट होने से 2019-2020 में ग्वार के भाव बढ़ेंगे ? इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए पूरा YOUTUBE विडियो देखे l 


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